इतने रिश्तों
इतनी उलझनों के बाद भी
डायरी के कुछ पन्ने
जीवन के उत्तरार्ध में
खाली रहने लगे हैं ...
कुछ लिखे पन्ने
खनकते सिक्कों से थे
कुछ चिर स्थायी
सनाटे कि तरह
दुबके पड़े हैं
न सपनों कि सूची
न पूरा करने कि कोई हड़बड़ी
न चिरंतन की खोज
न मिट जाने का भय
न डायरी के पन्नों में
गुम हो जाने कि चाहत
सुलझ जाये जो गुथी जीवन कि
वो इन्तजार करना
डायरी के खाली पन्नों को
रंगने से अच्छा लगा है
डायरी के कुछ पन्ने खाली रहने लगे हैं
@देशबंधु "
इतनी उलझनों के बाद भी
डायरी के कुछ पन्ने
जीवन के उत्तरार्ध में
खाली रहने लगे हैं ...
कुछ लिखे पन्ने
खनकते सिक्कों से थे
कुछ चिर स्थायी
सनाटे कि तरह
दुबके पड़े हैं
न सपनों कि सूची
न पूरा करने कि कोई हड़बड़ी
न चिरंतन की खोज
न मिट जाने का भय
न डायरी के पन्नों में
गुम हो जाने कि चाहत
सुलझ जाये जो गुथी जीवन कि
वो इन्तजार करना
डायरी के खाली पन्नों को
रंगने से अच्छा लगा है
डायरी के कुछ पन्ने खाली रहने लगे हैं
@देशबंधु "
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