स्वर्गीय मित्र विजय को उसके जन्म दिवस पर
श्रद्धा सुमन समर्पित )
ये दोस्त बहुत याद आता है तू
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तेरा जाना
जिंदगी की खुशबु ले गया
आंशुयो क् एक सिलसिला दे गया
टूटे शृंख्ला यादों कि
लगता नहीं
बस हमारा अन्दर तक
टूट
जाना पका कर गया
जीवन को पूरा
जीने की चाहत में
सबसे आगे रहने कि होड में
तू बहुत दूर चला गया
चाहे भी अब हम
तो तुझे डांट ना पाये
तेरा यू जाना हमे बेबस कर गया
पिछे जो यू छोड कर चले जाते हैं
वो बेबफा पुकारे जाते हैं
बस तेरा यू जाना
तेरा बेबफा होना पक्का कर गया
तेरा जाना यादों की एक लंबी श्रिंखला दे गया
जाने से तेरे जीवन में शून्य भर गया
ईश्वर से आस्था का बंधन टूट गया
डर लगता है कि कही
तू उधर कशट में ना रहे
तभी
हम मन्दिर तक जाते हैं
नहीं तो तेरा जाना
हमें ईश्वर से दूर ले गया
मिल
गया तू निरंकार में
कश्टो के इस भम्वर में हमें छोड़ कर
कहते हैं अछे लोग तो वहा भी चाहे जाते हैं
पर तेरा जाना
इस बात को और पक्का कर गया
गर है कोई और जहाँ
तो हमारे आने तक
मित्रता कि राह ताकते रहना
इस जहाँ से ज्यादा उस जहाँ में
हमसे मिलना
तेरा
जाना यादों की एक लंबी श्रिंखला दे गया.......
