मेरे शब्द :मेरे अपने
गुरुवार, 29 जनवरी 2015
मेरे शब्द :मेरे अपने : वक्त
: चाहे मेरा मन पिछे मुड़ जाऊँ एक बार फिर पाठ्शाला जाऊँ सबक जिंदगी का जो ग़लत पढ लिया उसे दुरुस्त कर आऊ वक्त जो फिसल गया था रेत ...
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