मंगलवार, 27 जनवरी 2015

सुन्दर सौम्य सबल है तू मेरे जीवन में मेरी जान हर पल है तू हर पल को याद कर तुझे याद करता हूँ मेरा कल ,आज और कल है तू दुनिया में तुझसे क्या सुन्दर और मुझ कीचड़ के साथ पलता कमल है तू और क्या मधुर मांगू मेँ उससे बरसों जो सुनी हमने वो लता की ग़ज़ल है तू जो तू साथ रहे तो "बंधू" क्यों कर रोये जमाना माने न माने मेरी तो हर मुश्किल का हल है "देशबन्धु टी.जी. टी. आर्ट्स हिमाचल शिक्षा विभाग सर्वाधिकार सुरक्षित

1 टिप्पणी: